हल्द्वानी बहुचर्चित रेलवे बनाम बनभूलपुरा प्रकरण में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। लंबे समय से लंबित इस मामले पर पूरे शहर की निगाहें शीर्ष अदालत की तरफ टिकी रहीं। 3 तारीखों के टलने के बाद आज सुनवाई हो पाई। सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश देते हुए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और राजस्व अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे स्थल पर विशेष शिविर लगाकर वहां रह रहे लोगों की मदद करें, ताकि वे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास के लिए आवेदन कर सकें।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं को उसी भूमि पर बने रहने का कानूनी अधिकार नहीं है, लेकिन सरकार का दायित्व है कि पात्र लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित करे। अदालत ने कहा कि यह गतिरोध अनिश्चितकाल तक नहीं चल सकता और 31 मार्च से पहले ठोस समाधान सामने आना चाहिए। अप्रैल माह में अगली तारीख रखी गई है।
कोर्ट के प्रमुख निर्देश देते हुए कहा कि आवास योजना ही विकल्प – प्रभावित अधिकांश -परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) में आते हैं, इसलिए उन्हें पीएम आवास योजना के तहत आवेदन करना होगा।
19 मार्च से विशेष शिविर – बनभूलपुरा क्षेत्र में ऑन–साइट कैंप लगाकर आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।
प्रशासन को सीधी हिदायत : नैनीताल जिला प्रशासन और हल्द्वानी के अधिकारी आवेदन पत्र उपलब्ध कराएं और प्रक्रिया में सहयोग दें। अदालत के निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को समयबद्ध और सम्मानजनक समाधान मिल सके।
वहीं संभावित निर्णय को देखते हुए बनभूलपुरा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गयी। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकाला गया, जबकि एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने स्वयं मौके का निरीक्षण कर लोगों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

