पश्चिम बंगाल एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में प्रोटोकॉल विवाद को लेकर सियासत तेज हो गई है। PM नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जो भी लोकतंत्र और आदिवासी समुदाय के सशक्तिकरण में विश्वास रखता है, वह इस घटना से दुखी है. बताते चलें कि,,,,,,, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी महकमा परिषद के फांसीदेवा क्षेत्र पहुंची थीं. राष्ट्रपति मुर्मू ने इस बात पर नाराजगी और दुख जताया कि तय प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें रिसीव करने के लिए मुख्यमंत्री या राज्य का कोई मंत्री मौजूद नहीं था. हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से इससे कोई आपत्ति नहीं है.
कार्यक्रम के बाद उन्होंने कॉन्फ्रेंस के लिए तय वि गए स्थान को लेकर नाराजगी जाहिर की. राष्ट्रपति ने कहा कि कार्यक्रम के लिए जो जगह तय की गई थी वह काफी छोटी थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में संथाल समुदाय के लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए. उन्होंने बताया कि उस जगह पर पांच हजार लोगों के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. इस मामले पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में एक धरना स्थल से बोलते हुए कहा, ‘मुझे यह कहते हुए शर्म आ रही है कि राष्ट्रपति को BJP ने अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भेजा है. राष्ट्रपति बीजेपी की राजनीति में फंस गई हैं.’ ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार इस कॉन्फ्रेंस की आयोजक नहीं थी और उन्हें इस कार्यक्रम, आयोजकों या फंडिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रपति राज्य में आती हैं या जाती हैं, तभी उन्हें आधिकारिक सूचना मिलती है।

