मुख्य न्यायधीश बोले,,,,, बॉम्बे हाई कोर्ट का नया परिसर, न्याय का मंदिर होना चाहिए न कि 7 स्टार होटल।

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भारत के मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने मुंबई में बनने वाले नए बॉम्बे उच्च न्यायालय परिसर को लेकर कहा कि फिजूलखर्ची नहीं होनी चाहिए और यह न्याय का मंदिर होना चाहिए, न कि सात सितारा होटल।                                                                   मुख्य न्यायाधीश ने फिजूलखर्ची से बचने का भी सुझाव दिया

CJI ने संबोधन के दौरान सुझाव दिया कि नए हाईकोर्ट के बनने वाले परिसर में फिजूलखर्ची नहीं होनी चाहिए और कहा कि “न्यायाधीश अब सामंती प्रभु नहीं रहे क्योंकि उनकी नियुक्ति आम नागरिकों की सेवा के लिए होती है।”।                                           CJI  ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट और अखबारों में उन्होंने पढ़ा है कि जो न्यायालय कि नई इमारत बन रही है  बहुत फिजूलखर्ची वाली है। इसमें 2 न्यायाधीशों के लिए लिफ्ट साझा करने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश अब सामंती प्रभु नहीं रहे। न्यायाधीश उच्च न्यायालय, निचली अदालत या सर्वोच्च न्यायालय का हो सकता है।


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