दिल्ली शराब पीकर हंगामा करने वाले व्यक्तियों की अब खैर नहीं। शादी शुदा पुरुषों के लिए भारतीय न्याय संहिता के अनुसार, जीवन में पत्नी की भावनाओं और आदेश का सम्मान करना बेहद जरूरी है। यदि अब पति बिना अपनी पत्नी से पूछे शराब का सेवन करता है। और उससे गृह क्लेश बढ़ता है डराने-धमकाने जैसी परिस्थितियाँ पैदा करता है, तो यह सीधे अपराध माना जाएगा। नई BNS की धारा 85B के तहत पत्नी इस मामले में मुकदमा दर्ज करा सकती है और इसे अपराध मानते हुए दोषी पति को 3 साल तक की जेल हो सकती है। इसलिए पति को चाहिए कि वह पत्नी कही बात और भावनाओं का सम्मान करे और शराब पीकर घर में अशांति न पैदा करे। यह कानून घरेलू शांति और परिवारिक रिश्तों को सुरक्षित रखने के लिए लागू किया गया है और इसे चेतावनी और सलाह दोनों के तौर पर देखा जा सकता है। मुख्य बिंदु ….. सिर्फ शराब पीना अपराध नहीं है। शराब पीकर हिंसा, दुर्व्यवहार या अपमान करना अपराध की श्रेणी में आता है।
BNS की धारा 85B का उद्देश्य नए कानून के तहत घरेलू हिंसा को रोकने के लिए, पत्नी के सम्मान और मानसिक शांति की रक्षा की जा रही है, खासकर तब जब वह मना करे।
कानूनी परिणाम यदि पत्नी शिकायत करती है कि पति नशे में उत्पीड़न कर रहा है, तो 3 साल तक की कैद, जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।

