नैनीताल : एक अनोखा मामला सामने आ रहा है। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने एक में पारिवारिक न्यायालय के आदेश को निरस्त करते हुए मामला पुनः सुनवाई हेतु भेज दिया है। दरअसल एक केस में एक महिला ने स्वयं को खड़क सिंह नाम के व्यक्ति की पत्नी बताते हुए अपने लिए भरण-पोषण की मांग की थी, जबकि खड़क सिंह ने कहा कि उनकी वास्तविक पत्नी का वर्ष 2020 में देहांत हो चुका है। जानकारी के मुताबिक़ नैनीताल पारिवारिक न्यायालय ने धनुली देवी नामक महिला को खड़क सिंह नाम के पति से अंतरिम भरण-पोषण प्रदान करने का आदेश पारित किया था। परन्तु खड़क सिंह ने आदेश के विरुद्ध आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दाखिल कर हाई कोर्ट में कहा कि धनुली देवी उनकी पत्नी नहीं है, बल्कि उनकी वास्तविक पत्नी का 5 अगस्त 2020 को देहांत हो चुका है। खड़क सिंह ने आरोप लगाया कि घरेलू कार्य करने वाली इस महिला ने पेंशन लाभ प्राप्त करने और भरण-पोषण हासिल करने के उद्देश्य से झूठा दावा किया ।
नैनीताल : एक अनोखा मामला, पत्नी की मृत्यु के बाद उसी नाम की दूसरी महिला ने भरण-पोषण मांगा !
