हल्द्वानी: कुमाऊं टैक्सी यूनियन महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज भट्ट ने परिवहन विभाग पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि व्यावसायिक वाहनों में लगाए गए पैनिक बटन केवल दिखावा बनकर रह गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में केंद्र सरकार द्वारा यात्रियों और चालकों की सुरक्षा के लिए जीपीएस और पैनिक बटन को अनिवार्य किया गया था। जिसका उद्देश्य वाहन की लोकेशन ट्रैक करना और आपातकाल में तुरंत सहायता पहुँचाना था। हालाँकि, जब वास्तव में टैक्सी में पैनिक बटन दबाकर देखा गया, तो सिस्टम से कोई मदद या प्रतिक्रिया नहीं मिली। भट्ट का आरोप है कि पिछले सात वर्षों में परिवहन विभाग द्वारा पैनिक बटन के इस्तेमाल को लेकर दिए जा रहे आंकड़े पूरी तरह झूठे और समझ से परे हैं। इस नियम को जबरन थोपे जाने से टैक्सी मालिक और चालक परेशान हैं, और पूर्व में शिकायत करने के बावजूद विभाग द्वारा कोई सुनवाई न होने पर अब सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत जानकारी मांगी गई है।
हल्द्वानीः पैनिक बटन बेअसर, आंकड़े झूठे, टैक्सी यूनियन का परिवहन विभाग पर बड़ा आरोप।
