उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश रजवार के नेतृत्व में 29 जुलाई 2026 को नैनीताल जिले में औचक निरीक्षण किया गया। इस संयुक्त टीम में पुलिस प्रशासन की ओर से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की रेणु अधिकारी व गोविंद, तथा बनभुलपुरा थाने से एसआई ज्योति कोरंगा व व्हिलकिश शामिल रहे। इनके अलावा चाइल्ड हेल्पलाइन से जिला समन्वयक किरण पंत, विधिक सेवा प्राधिकरण से उमा भंडारी, बाल कल्याण समिति से गणेश बिष्ट और केस वर्कर ललित, सरिता, बीना व सूरज मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान हल्द्वानी के गफूर बस्ती रेलवे स्टेशन के पास ‘सुचेतना’ नाम से अवैध रूप से संचालित एक गैर-सरकारी संस्था पाई गई, जिसे कथित तौर पर फादर पाईस द्वारा चलाया जा रहा था और मिशनरी द्वारा आर्थिक सहायता दी जा रही थी। मौके पर 5 बालिकाएं और 6 बालक मिले। संस्था के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे और न ही यह ‘किशोर न्याय अधिनियम’ (JJ Act) के तहत पंजीकृत थी। बच्चों के बैठने का स्थान असुरक्षित था और वे पूर्व में विद्यालयों में पंजीकृत थे।
योगेश रजवार ने बाल कल्याण समिति व चाइल्ड हेल्पलाइन को दो दिन में रिपोर्ट देने तथा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल व पुलिस टीम को संस्था और संस्था प्रभारी की जाँच कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
