उत्तराखंड के नैनीताल में घरों की छतों पर पत्थरबाजी की रहस्यमयी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। खासकर तल्लीताल क्षेत्र के जिला पंचायत और जीवाजी लॉज कंपाउंड में पिछले कई दिनों से अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार पत्थर फेंके जा रहे हैं। हर दिन रात 7:00 बजे से 11:00 बजे के बीच होने वाली इस हरकत ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी है और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। लगातार कोशिशों के बावजूद अब तक पत्थरबाजों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
इस बढ़ती समस्या से त्रस्त होकर क्षेत्रवासियों ने 13 जुलाई को तल्लीताल कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद जब मामला कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के पास पहुंचा, तो उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को 8 दिनों के भीतर जांच पूरी कर समस्या का निस्तारण करने के सख्त निर्देश दिए।
आयुक्त के निर्देशों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसपी जगदीश चंद्र और कोतवाल हरपाल सिंह ने पुलिस टीम के साथ रात 7:30 बजे प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने हालात का जायजा लेने के बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने का फैसला लिया है। अपनी जांच रिपोर्ट में पुलिस ने क्षेत्र में थर्मल कैमरे, उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे और हाई-मास्ट LED लाइटें लगाने की सिफारिश की है। इसके साथ ही अंधेरे का फायदा उठाने वाले उपद्रवियों को रोकने के लिए आसपास की घनी झाड़ियों की छंटाई भी कराई जाएगी।
गौरतलब है कि नैनीताल और राज्य के अन्य शहरों में पहले भी इस तरह की अजीबोगरीब पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें आरोपी कभी पकड़े नहीं जा सके। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि इन घटनाओं के पीछे किसी इंसान की सोची-समझी साजिश है या कोई अन्य वजह। फिलहाल पुलिस प्रशासन मामले की तह तक पहुंचने और इलाके में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
