हल्द्वानी पुलिस क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी के दफ्तर में कत्युरी साम्राज्य के वंशजो का एक शिस्टमंडल मुलाक़ात के लिये गये शिस्टमंडल ने कहा कि रानीबाग में प्राचीन पौराणिक चित्रेश्वर महादेव मंदिर में कुछ असामाजिक तत्वों ने पूरे मंदिर परिसर पर कब्जा कर वहां पर चित्रेश्वर महादेव मंदिर की दीवारों तक लोहे के एंगल और कील गाड़कर इसकी पवित्रता और धार्मिक भावना को आहत किया है और मंदिर को खंडित करने का पाप किया है तथाकथित शनि मंदिर का ढांचा खड़ा किया है और मंदिर के मूल धार्मिक स्वरूप को नष्ट कर दिया है।
उन्होंने कहा यह स्थल गढ़वाल कुमाऊं की समस्त धर्मपरायण जनता का पवित्र स्थल है और यहां पर बिना किसी की अनुमति के शनि मंदिर का निर्माण कर दिया जो पहाड़ी संस्कृति, सनातन धर्म,विधि विधान, वेद शास्त्रों के विपरीत है जिसका पहाड़ी सनातनी समाज बिरोध करता है
यह सम्पूर्ण स्थल पदमेश्वर महादेव जिया माता, चित्रेश्वर के नाम दर्ज भगवान की भूमि है और इस तरह अतिक्रमण कर कुछ असामाजिक तत्वों ने संविधान की मंदिरों की पौराणिकता के संरक्षण की भावना को जबरदस्ती आघात पहुंचायी है।
“वरशिप एक्ट 1947 “के अनुसार भी यह स्पष्ट है कि किसी भी पौराणिक प्राचीन मंदिर की जमीन और स्थिति में छेड़छाड़ अपराध की श्रेणी में आता है।
इस कुनियती से किए गए कृत्य से सम्पूर्ण पर्वतीय समाज कत्युरी राजवंश से जुड़े लोग सनातन धर्म प्रेमी बहुत ज्यादा आहत है। उन्होंने कहा आग्रह किया कि सनातन विरोधी अराजक तत्वों और अतिक्रमणकारियों पर BNS की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पौराणिक चित्रेश्वर धाम,चित्राशिला घाट माँ जिया की तपोभूमि को संरक्षित करने की माँग की गयीं.
पहाड़ी आर्मी के अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा यदि इस विषय पर सुसंगत धाराओं पर मुकदमा नहीं होता है तो संपूर्ण पहाड़ी समाज कत्युरी राजवंश के वंशज गढ़वाल कुमाऊं नेपाल से हजारों की संख्या में 29 अगस्त को चित्रेश्वर धाम रानीबाग में महापंचायत कर तथागाति अतिक्रमण को स्वयं तोड़ेंने के लिये मजबूर होगा.
इस दौरान जिया माता समिति के अध्यक्ष रमेश मनराल, चंदन मनराल पहाड़ी आर्मी के जिला अध्यक्ष फौजी राजेंद्र कांडपाल, प्रेमा मेर, देवेंद्र शालाकोटी, प्रदीप रौतेला विनोद नेगी अंजू पांडे संतोष सिंह नेगी कमलेश जेठी, कविता जीना,अनुराग भारती, इंद्र बिष्ट, मनोज रावत, जय रावत आदि मौजुद रहे।
