देहरादून सरकार द्वारा लिए गए एक अहम फैसले में अब एक उपभोक्ता के पास एक साथ एलपीजी और पीएनजी, दोनों कनेक्शन नहीं हो सकते। अगर आपके घर में पाइप्ड गैस (पीएनजी) है, तो सिलेंडर (एलपीजी) को आपको छोड़ना होगा। कुछ समय पूर्व पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया था, और फिर 14 मार्च को उसमें संशोधन कर इसे और सख्त बना दिया गया। अब तेल कंपनियों को साफ निर्देश है दोनों कनेक्शन रखने वालों को एलपीजी न दिया जाए, न रिफिल किया जाए, और जहां दोनों हैं, वहां एलपीजी कनेक्शन वापस लिया जाए। उत्तराखंड में यह फैसला सीधे 44,488 घरेलू पीएनजी उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगा। आंकड़े जिलेवार
देखे तो जनपद हरिद्वार में 25,600, उधम सिंह नगर
में 16,088, देहरादून में 2,200, नैनीताल में 600
कनेक्शन इसकी जद में आयेंगे। ये आंकड़े बताते हैं
कि अभी पीएनजी की पहुंच सीमित है, लेकिन
सरकार की नजर में यही भविष्य है। प्रदेश में
पीएनजी नेटवर्क अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुआ
है। केवल कुछ जिलों के चुनिंदा इलाकों में ही
पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंच रही है। लेकिन लक्ष्य
बड़ा है साल 2031 तक सभी घरों तक पाइप्ड गैस
पहुंचाने का। पांच कंपनियां इस काम में लगी हैं।

