अल्मोड़ा: विमलकोट दुर्ग, इतिहास और कुदरत की अनमोल धरोहर,,, सरकारी उपेक्षा का शिकार ।

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अल्मोड़ा जिले के भैंसियाछाना ब्लॉक स्थित मल्ला लखनपुर पट्टी का ऐतिहासिक विमलकोट दुर्ग आस्था, सामरिक इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता का अनूठा संगम है। धौलछीना से संवाददाता दरबान रावत की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, 2200 मीटर की ऊंचाई पर प्राकृतिक चट्टानों के बीच बसा यह किला कत्यूरी और चंद राजवंशों के दौर में एक प्रमुख सैन्य व सूचना केंद्र था। राजा भीष्म चंद (1511-1533 ई.) द्वारा स्थापित इस दुर्ग में आज भी प्रहरियों के आवास, पुरानी इमारतों के अवशेष और एक ऐतिहासिक गुप्त सुरंग मौजूद हैं।                                                                 बांज, देवदार और बुरांश के घने जंगलों से घिरा यह स्थल नंदा देवी व पंचाचूली जैसी बर्फीली चोटियों का सुंदर नजारा देता है और पास ही प्रसिद्ध आनंदमयी आश्रम भी स्थित है। हालांकि, इतनी समृद्ध विरासत और प्राकृतिक अलौकिकता के बावजूद यह ऐतिहासिक स्थल आज सरकारी उपेक्षा और मूलभूत सुविधाओं की कमी का शिकार है।


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