दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के अनशन का 21वां दिन था, जब लगातार भोजन न करने के कारण बिगड़ती सेहत और शरीर में पानी की कमी को देखते हुए दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई। हालांकि, अस्पताल में भर्ती के समय उनका ब्लड प्रेशर, पल्स और ऑक्सीजन लेवल सामान्य था और वे पूरी तरह होश में थे। सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने पर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार को इस संवेदनशील मामले पर चुप्पी तोड़ने और तुरंत बातचीत शुरू करने की सलाह दी है। अन्ना हजारे का कहना है कि सरकार भले ही मांगें माने या न माने, लेकिन 20 दिनों से अधिक समय से अनशन पर बैठे व्यक्ति के सब्र का इम्तिहान लिए बिना संवाद जरूर करना चाहिए, क्योंकि किसी भी समस्या का समाधान केवल आपसी बातचीत से ही संभव है।
सोनम वांगचुक के अनशन पर अन्ना हजारे का बड़ा बयान,,,,,, सरकार को दी बातचीत की सलाह।
