नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत की युवा पीढ़ी (Gen Z और Gen Alpha) पर अपना अटूट विश्वास जताते हुए कहा है कि बेहतर व्यवस्था के निर्माण के लिए आवाज उठाना और विरोध प्रदर्शन करना छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सवाल पूछने वाले या अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को ‘एंटी-नेशनल’ (राष्ट्रविरोधी) करार देना पूरी तरह गलत है। हालिया ‘एंटी पेपर लीक प्रोटेस्ट’ और जन-मुद्दों का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है, जहाँ अधिकारियों को युवाओं के सवालों का तार्किक और सहानुभूतिपूर्ण जवाब देना चाहिए। आज की पीढ़ी को सबसे ईमानदार बताते हुए उन्होंने जोर दिया कि समाज और प्रशासन को युवाओं की चिंताओं को ध्यान से सुनना चाहिए और उनके साथ समझबूझ से पेश आना चाहिए।
नई दिल्ली: युवाओं के विरोध और अधिकारों के समर्थन में बोले,,,,, मोहन भागवत।
