25 जुलाई को मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एक नई राजनीतिक रणनीति के तहत युवाओं और ‘Gen Z’ के बीच सक्रिय भूमिका में नजर आ रहे हैं। छात्रों के हितों और देश की युवा शक्ति की अनदेखी न होने देने की बात कहते हुए उन्होंने ओड़िशा की जीएम यूनिवर्सिटी से लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) तक छात्रों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया है। इसके साथ ही लखनऊ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात और Gen Z को एक अजेय राजनीतिक-सामाजिक ताकत के रूप में स्वीकार करने का उनका बयान यह साफ दर्शाता है कि वे युवा राजनीति की नब्ज पकड़कर अपनी सियासी जमीन को दोबारा मजबूत करने की मजबूत कोशिश में जुट गए हैं।
युवाओं के बीच पैठ बनाकर कमबैक की तैयारी में धर्मेंद्र प्रधान,,,, Gen Z के बीच सक्रिय भूमिका में नजर आ रहे हैं।
