महाराष्ट्र के अमरावती ज़िला महिला अस्पताल में सोमवार की तड़के 3.15 बजे एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहाँ नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में एक वेंटीलेटर के फट जाने से भीषण आग लग गई। इस अत्यंत दर्दनाक और भयानक दुर्घटना में तीन बहुत छोटे नवजात शिशुओं की, जो महज़ 1 से 10 दिन के थे और जिन्होंने अभी अपनी आँखें भी ठीक से नहीं खोली थीं, दुखद मृत्यु हो गई। पूरा एनआईसीयू वार्ड ज़हरीले धुएं और आग की लपटों से भर गया। लेकिन इस विकट स्थिति और भयानक तबाही के बीच, अस्पताल की बहादुर नर्सों और तैनात अन्य कर्मचारियों ने अदम्य साहस और कर्तव्यपरायणता का परिचय दिया। उन्होंने जान की परवाह न करते हुए आग और गहरे धुएं के बीच से होकर 36 अन्य नवजात शिशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे उनकी जानें बच गईं। ये सभी बच्चे अलग-अलग वार्डों में भर्ती थे, जिनमें से 9 एनआईसीयू वार्ड में थे। इस हृदयविदारक हादसे में मारे गए शिशुओं के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और गहन जाँच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी के गठन का ऐलान किया गया है।
हृदयविदारक हादसा: अस्पताल के वेंटीलेटर विस्फोट में 3 शिशुओं की दर्दनाक मौत, 36 मासूमों को मिली नई ज़िंदगी,,,
