नौकुचियाताल में रोवर-रेंजरों का एक दिवसीय ट्रैकिंग शिविर संपन्न, 46 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा।

रिपोर्ट,,,,, J नंदिनी पांडे

हल्दूचौड़ लाल बहादुर शास्त्री राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हल्दूचौड़ के रोवर-रेंजर दल की ओर से नौकुचियाताल में एक दिवसीय पदयात्रा एवं ट्रैकिंग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 46 रोवर-रेंजरों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का नेतृत्व कन्हैया भट्ट (एसआरएम) ने किया, जबकि पवन कुमार आर्य (एएसआरएम) ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पदयात्रा का शुभारंभ काठगोदाम-रानीबाग से हुआ। यहां से रोवर-रेंजर दल पैदल यात्रा करते हुए नौकुचियाताल पहुंचा। निर्धारित गतिविधियों के संपन्न होने के बाद दल ने वापस काठगोदाम-रानीबाग तक की यात्रा पूरी की। इस दौरान प्रतिभागियों ने अनुशासन, उत्साह और टीम भावना का परिचय दिया।

विद्यार्थियों में नेतृत्व और आत्मनिर्भरता विकसित करना उद्देश्य

शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि विकसित करने के साथ नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता, अनुशासन और सामूहिक सहयोग की भावना को मजबूत करना था। ट्रैकिंग के दौरान विद्यार्थियों को प्रकृति के करीब रहकर सीखने तथा अपनी शारीरिक एवं मानसिक क्षमताओं को पहचानने का अवसर मिला।

इस गतिविधि के माध्यम से रोवर-रेंजरों ने आपसी सहयोग, धैर्य, जिम्मेदारी और कठिन परिस्थितियों का सामना करने जैसे महत्वपूर्ण गुणों का अनुभव प्राप्त किया। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक हैं।

इन रोवर-रेंजरों ने किया प्रतिभाग

शिविर में कन्हैया भट्ट (एसआरएम), पवन कुमार आर्य (एएसआरएम), अनुज सुयाल, भावना पोखरिया, अवनी पांडे, अंकित पांडे, प्रिया आर्य, रिया तकुली, नैन्सी भट्ट, पीयूष सिंह, दीपिका जोशी, योगेश भट्ट, संध्या मेहरा, पूजा जोशी, कशिश आर्य, भूपेंद्र कुमार, नवीन आर्य, नितिका पाठक, मयंक, हिमानी भट्ट, तनुजा भट्ट, गुंजन जोशी, पायल जोशी, आयुष बोरा, प्रिया बिष्ट, खुशी दानू, ऋषभ बोरा, योगिता मेहरा, इशिता भट्ट, सुमन कुमारी, भावना पांडे, नीरज चौबे, नीरज पांडे, राहुल सतवाल, ईशा उप्रेती, मयंक कुटौला, दीक्षा कोटिया, तरुण कुमार, अजय सनवाल, शुभम जोशी, खुशी आर्य, गायत्री पांडे, यशपाल राम और निकिता चिलवाल सहित अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

रोवर-रेंजर दल की इस पहल ने विद्यार्थियों को प्रकृति से जुड़ने, आत्मविश्वास बढ़ाने और सामूहिक रूप से लक्ष्य प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।