यह शर्मनाक और झकझोर देने वाली कहानी मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा की है. यहां सरकारी नौकरी बचाने के लिए पति-पत्नी ने ऐसा कृत्य किया, जो दिल दहला देने वाला है. दंपति ने अपने 3 दिन के नवजात को जंगल में पत्थरों के नीचे दबाकर छोड़ दिया. गनीमत रही कि बच्चे को समय रहते बचा लिया गया. नौकरी जाने के डर से उसने पत्नी राजकुमारी डांडोलिया के साथ यह कदम उठाया. आरोपी के मुताबिक, उनके तीन बच्चे हैं- एक आठ साल का, दूसरा छह साल का और तीसरा चार साल का, जिनमें एक लड़का और दो लड़कियां हैं. चौथे बच्चे के जन्म से उन्हें डर था कि उनकी सरकारी नौकरी खतरे में पड़ जाएगी. इस डर ने उन्हें इतना अंधा कर दिया कि उन्होंने अपने ही नवजात को पत्थरों के नीचे दबा दिया,,,
अमरवाड़ा एसडीओपी कल्याणी बरकडे ने कहा कि सूचना मिली कि रोड घाट के जंगल में नवजात शिशु मिला है. चौकी प्रभारी ने तुरंत मौके पर जाकर बच्चे को सुरक्षित किया और प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया. माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज कर एक्शन लिया गया.

