हल्द्वानीः परिवर्तनकामी छात्र संगठन’ के आह्वान पर, टिहरी में दलित छात्र की हत्या के विरोध में प्रदर्शन, जातिवाद का पुतला फूँका।

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उत्तराखंड के टिहरी जिले के देवल गांव में 8 जून को 12वीं कक्षा के दलित छात्र केतन लाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई।

केतन पर एक ‘उच्च जाति’ की लड़की से बातचीत और दोस्ती करने का आरोप था, जिसके चलते इसे ‘ऑनर किलिंग’ (सम्मान के नाम पर हत्या) का मामला बताया जा रहा है। इस दौरान केतन के दोस्त दिवाकर डिमरी को भी पीट-पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।

14 जून को बुद्ध पार्क, तिकोनिया में ‘परिवर्तनकामी छात्र संगठन’ के आह्वान पर एक सभा आयोजित की गई और जातिवाद का पुतला फूँका गया।

इस प्रदर्शन में परिवर्तनकामी छात्र संगठन, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, भीम आर्मी, आज़ाद समाज पार्टी, मूल निवासी संघ और अंबेडकर मिशन जैसे कई संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

वक्ताओं ने कहा कि समाज आज आधुनिक हो चुका है, लेकिन जातीय नफरत आज भी बहुत गहरी है। उत्तराखंड में साल 2023 में 123 और 2024 में 114 जातीय हिंसा के मामले दर्ज हुए हैं। इससे पहले भी राज्य में जगदीश (अल्मोड़ा) और टिहरी में कुर्सी पर बैठकर खाना खाने के नाम पर दलित युवकों की हत्या की जा चुकी है।

NCRB के आंकड़ों के अनुसार साल 2024 में देशभर में जातिगत हिंसा के 55,698 मामले दर्ज हुए, जबकि कई मामले तो दर्ज ही नहीं हो पाते।

वक्ताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा-संघ की सोच प्राचीन वर्ण-जाति व्यवस्था का गुणगान करती है, जिससे यह भेदभाव और खतरनाक स्तर पर पहुँच रहा है।

युवाओं और न्यायप्रिय नागरिकों से अपील की गई कि वे जातीय बंधनों को तोड़कर समानता और एक बेहतर समाज बनाने के लिए संगठित होकर इस बुराई के खिलाफ आगे आएं। सभा का समापन “हजारों सालों से गुलामी बेड़ियां” गीत के साथ हुआ।


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