देहरादून एक बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने साफ कहा गया है कि अब सब-इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी पुलिस थानों के प्रभारी (कोतवाली/थाना इंचार्ज) नहीं बनाए जाएंगे। इसके तहत राज्य के उन सभी थानों में जहां कोतवाली दर्जा है, वहां अनुभवी इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को ही प्रभारी के रूप में तैनात किया जायेगा। यह आदेश उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के बाद पुलिसिंग पर उठे सवालों के बीच आया है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि गढ़वाल और कुमाऊँ रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों (आईजी) इस मामले की समीक्षा करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि थानों के प्रभारी सिर्फ इंस्पेक्टर्स ही हों। पीएचक्यू के अनुसार, यह फैसला पुलिस प्रशासन की मजबूती, बेहतर कानून-व्यवस्था और थानों के सुचारू संचालन के लिए लिया गया है।
हालांकि वर्तमान में राज्य के कई थानों में सब-इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन अब से इसकी जगह इंस्पेक्टर (कोतवाल) को ही प्राथमिकता मिलेगी।
इस आदेश के चलते उत्तराखंड पुलिस थानों में प्रभारी स्तर पर रैंक और अनुभव के आधार पर तैनाती व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद है, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही और पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार लाने का उद्देश्य रखा गया है।

