नैनीताल उत्तराखंड में बाघ, गुलदार आम जनमानस के लिए आतंक का पर्याय बन चुके हैं। वो अब जंगल दूरस्थ गांवों तक ही सीमित नहीं है अपितु शहर, जिला मुख्यालय में भी हमलावर हो चुके हैं। नैनीताल. जनपद के रामनगर, ओखलकांडा, धारी, भीमताल व बेतालघाट में बाघ लगातार जनहानि कर रहे हैं। स्थानीय लोग डरे हुए,दहशत में हैं।
जंगली जानवर, अधिकांश बाघ गुलदार लगातार आबादी क्षेत्रों में आ रहे हैं। प्राप्त जानकारी में बीते दिन नैनीताल नगर से सटे भूमियाधार गांंव में सरेशाम बाघ ने गाय को मार डाला, जिसे वह आधा खाकर छोड़ गया। सूचना के बाद भवाली रेंज की वनविभाग की टी ने मौका मुआयना किया। मालूम हो कि बाघों द्वारा कई कुत्तों को भी निवासी बना दिया गया है। बाघों की सक्रियता से भूमियाधार सहित आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
वहीं ग्रामीणों ने वनविभाग व जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। भूमियाधार की ग्रामप्रधान मीनाक्षी टम्टा ने बताया कि गांव में गुलदार का आतंक बढ़ता जा रहा बीते दिनों एक गाय को मारकर आधा खा लिया। उन्होंने सभी ग्रामवासियों से अपील की है कि शाम होते ही समय पर अपने घर पहुंच जाएं और रात के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतें। उन्होंने वनविभाग व जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।

