हल्द्वानीः पहाड़ों में फिटनेस व्यवस्था को लेकर टैक्सी वाहन मालिक परेशान, कुमाऊँ टैक्सी महासंघ ने शासन से की व्यवस्था सुधारने की मांग।

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उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस व्यवस्था को लेकर वाहन मालिकों और टैक्सी चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी जिलों के संभागीय परिवहन कार्यालयों में वाहनों की फिटनेस की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण वाहन स्वामियों को अपने वाहनों की फिटनेस कराने के लिए लंबी दूरी तय कर हल्द्वानी, रुद्रपुर और टनकपुर जैसे फिटनेस सेंटरों तक पहुंचना पड़ रहा है।

इस संबंध में कुमाऊँ टैक्सी महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज भट्ट ने कहा कि पहाड़ों में रहने वाले टैक्सी चालकों और व्यावसायिक वाहन मालिकों के लिए यह व्यवस्था बेहद कठिन और खर्चीली साबित हो रही है। वाहन की फिटनेस कराने के लिए उन्हें कई घंटे और कई बार पूरा दिन यात्रा में बिताना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं और उनके व्यवसाय पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।

मनोज भट्ट ने कहा कि वह कुमाऊँ मंडल के टैक्सी चालकों और व्यावसायिक वाहन मालिकों की समस्या को शासन और परिवहन विभाग तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि सरकार इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर जल्द समाधान करे।

उन्होंने शासन से मांग की कि पहाड़ी क्षेत्रों के संभागीय परिवहन कार्यालयों में पूर्व की तरह वाहनों की फिटनेस की सुविधा उपलब्ध कराई जाए अथवा पहाड़ी जिलों में पर्याप्त संख्या में फिटनेस सेंटर स्थापित किए जाएं, जिससे स्थानीय वाहन स्वामियों को अनावश्यक रूप से लंबी दूरी तय न करनी पड़े।

उन्होंने कहा कि कुमाऊँ के टैक्सी चालक और व्यावसायिक वाहन मालिक सरकार के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है। उम्मीद है कि शासन इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित निर्णय करेगा।


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