उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है, जिसमें हल्द्वानी निवासी शादाब आलम ने आरोप लगाया था कि एक ही व्यक्ति ने फॉर्म-7 के माध्यम से करीब छह हजार मतदाताओं के नाम हटाने की आपत्तियां दर्ज कराई हैं। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की पीठ द्वारा मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने की बात कहने पर याचिकाकर्ता ने सर्वोच्च अदालत का फैसला आने के बाद पुनः याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता मांगते हुए अपनी अर्जी वापस ले ली।
मतदाता सूची विवाद: 6 हजार नामों पर आपत्ति का आरोप और हाईकोर्ट का फैसला।
