कुछ समय से एक संदेहास्पद video सोशल मीडिया पर चल रहा था जिसमें नैनीताल-भवाली रोड के तिराहे के पास जंगल में बनी एक धार्मिक संरचना के बारे में बताया जा रहा था। इस वायरल वीडियो में बताया गया कि जंगल में कब्जा करके मस्जिद बना दी गई है।
बीते रोज़ यहां प्रशासन की टीम भी जांच के लिए पहुंच गई। जांच में टीम ने पाया कि भवाली सेनिटोरियम के पास बनी ये मस्जिद जामा मस्जिद है। जो कि 1924 में बनी थी और आजादी से पहले की है। ये सब जानकारी फॉरेस्ट के रिकॉर्ड में पाया गया। राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम गई और पता लगा कि करीब 45 नाली जमीन पर मस्जिद कैंपस है।
वन विभाग ने बताया कि उक्त मस्जिद के लिए वन विभाग द्वारा 1924 में 5016 वर्गफुट (दो नाली पांच मुट्ठी) जमीन लीज पर दी गई है। 1945 के भवाली नगर पालिका के रिकॉर्ड में भी ये मस्जिद और इसमें बने दो कमरों का जिक्र है। लेकिन इसी रिकॉर्ड में मस्जिद का एरिया तकरीबन 44 नाली दर्ज है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि अगर फॉरेस्ट ने मस्जिद के लिए दो नाली पांच मुट्ठी ही जमीन दी तो नगर पालिका के रिकॉर्ड्स में ये 44 नाली कैसे दर्ज है?
नपाई में मस्जिद की जमीन 45 नाली से अधिक निकली है। यानी फॉरेस्ट लीज में दी गई जमीन से तकरीबन 43 नाली ज्यादा। ADM नैनीताल विवेक राय के अनुसार ,,,,, इस विषय पर अभी और जांच पड़ताल की जा रही है ।

