अल्मोड़ा: पहाड़ों की वादियों में घूमने का प्लान बना रहे पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक कड़वी खबर है। अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित बाड़ेछीना पेट्रोल पंप पिछले दो महीनों से ‘शोपीस’ बना हुआ है। यहाँ न पेट्रोल मिल रहा है और न ही डीजल, जिससे इस रूट पर चलने वाली गाड़ियों के पहिए थमने की नौबत आ गई है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले करीब 60 दिनों से ईंधन की सप्लाई ठप होने के कारण यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि वाहन चालकों को तेल भरवाने के लिए मजबूरन अल्मोड़ा तक का लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों पानी की तरह बह रहा है।
प्रशासन का ‘सख्त’ एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्ति निरीक्षक (बाड़ेछीना) ने अब कड़े तेवर अपना लिए हैं। विभाग ने पेट्रोल पंप मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए साफ कह दिया है कि:
एक हफ्ते का अल्टीमेटम: अगर 7 दिनों के भीतर सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
फोन को किया अनसुना: विभाग का कहना है कि पंप संचालक को पहले भी कई बार फोन पर आगाह किया गया था, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
पर्यटन सीजन पर संकट
चूंकि अभी पर्यटन का पीक सीजन चल रहा है, ऐसे में हाईवे पर ईंधन की अनुपलब्धता उत्तराखंड की छवि पर भी दाग लगा रही है। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने राज्य मंत्री गोविंद पिलख्वाल के सामने भी अपना दुखड़ा रोया। मंत्री जी ने भी प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस समस्या का तुरंत समाधान निकाला जाए ताकि पर्यटकों और कमर्शियल गाड़ियों को राहत मिल सके।
