नेपाल के नवनिर्वाचित और सबसे युवा प्रधानमंत्री बालेन शाह (35 वर्ष) ने संसद में अपने पहले ही भाषण में एक ऐसा दावा किया है, जिसने दोनों देशों की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है।
दोनों तरफ से कब्जे का दावा: पीएम बालेन शाह ने कहा कि भारत ने न सिर्फ नेपाली क्षेत्र पर अतिक्रमण किया है, बल्कि नेपाल ने भी कई जगहों पर भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर रखा है।
उन्होंने संसद को बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद ही उन्हें इस चौंकाने वाले तथ्य का पता चला।
उन्होंने माना कि लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी से जुड़ा सीमा विवाद दोनों देशों के बीच हमेशा से एक बेहद संवेदनशील मुद्दा रहा है।
इस सीमा विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों को इतिहासकारों, सर्वेक्षकों और विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बात: काठमांडू (नेपाल) ने इस गंभीर मामले को चीन और यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) के सामने भी उठाया है।
