नैनीताल (हल्दूचौड़): उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ हल्दूचौड़ क्षेत्र की रहने वाली एक 16 वर्षीय किशोरी को जब पेट में तेज दर्द हुआ, तो परिजन उसे सामान्य बीमारी समझकर हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल ले गए। वहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि किशोरी गर्भवती है और उसे प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) हो रही है। डॉक्टरों ने तुरंत डिलीवरी कराई, जहाँ किशोरी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
किशोरी की मां का पहले ही निधन हो चुका है। वह अपने पिता और तीन बहनों के साथ रहती थी। सामाजिक बदनामी और डर के कारण उसने अपनी गर्भावस्था की बात सबसे छुपाए रखी थी।
शुरुआती जांच में पता चला है कि किशोरी के पड़ोस में रहने वाले एक अन्य नाबालिग किशोर के साथ संबंध थे, जिसकी वजह से वह गर्भवती हुई।
हल्द्वानी के पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) अमित कुमार सैनी ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है। पीड़ित और आरोपी दोनों ही नाबालिग हैं। परिजनों की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल मां और नवजात बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं।
