दिल्ली असम, केरलम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हुई। इस बार सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए मतदाताओं ने बंपर वोटिंग करी है। सबसे ज्यादा असम में 85.91% वोटिंग हुई। इससे पहले 2016 में 84.7% मतदान हुआ था।
साथ ही पुडुचेरी में अब तक का सबसे ज्यादा 89.87% मतदान हुआ। इससे पहले का रिकॉर्ड 85% (2006, 2011 और 2016 विधानसभा चुनाव) का था।
केरलम में 1987 के बाद यानी पिछले 39 सालों में दूसरी सबसे ज्यादा वोटिंग हुई, यहां 78.27% वोट डाले गए। 1987 में रिकॉर्ड 80.54% मतदान हुआ था।
चुनाव आयोग का फाइनल आंकड़े जारी करना बाकी है। असम में 126 सीटों पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवारों का भाग्य का फैसला होगा। 35 जिलों में से 26 से ज्यादा जिलों में 80% से ऊपर वोटिंग हुई। सबसे ज्यादा 95.56% मतदान साउथ सलमारा मनकचर जिले में हुआ। सबसे कम 75.25% वोटिंग वेस्ट कार्बी आंगलॉन्ग में हुई।
वर्तमान असम CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा,,,,,,, बांग्लादेशी मूल के मुस्लिम समाज का 95 से 96% वोट प्रतिशत हुआ करता था। बाकी जो असमिया समाज है, वहां पर 75-76% तक का वोट प्रतिशत होता था। इस बार दोनों समाज के बीच प्रतियोगिता रही। पारंपरिक तौर पर जो समाज सक्रिय मतदान करता है, उन्होंने तो ज्यादा मतदान किया ही है, लेकिन जिस समाज में पारंपरिक तौर पर अधिक मतदान नहीं होता है, उस समाज ने भी बढ़-चढ़कर मतदान किया है।
