किच्छा में नवंबर 2021 को मछली कारोबार के दौरान तख्त लगाने को लेकर हुए विवाद में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। दुकान के सामने तख्त रखने का विरोध करने पर नहीम और उसके बेटों ने मो. आशिक पर जानलेवा हमला कर दिया था, जिसके बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान आशिक की मौत हो गई थी। मृतक के भाई आसिफ की शिकायत पर दर्ज मामले में अभियोजन पक्ष ने 21 गवाह और पर्याप्त साक्ष्य पेश किए। इनके आधार पर अदालत ने नहीम और उसके बेटे क्षिमाल को हत्या का कसूरवार ठहराते हुए आजीवन कारावास और दोनों पर एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में शामिल तीसरा आरोपी नाबालिग है, जिसकी सुनवाई फिलहाल किशोर न्यायालय में चल रही है।
हत्या के चार साल पुराने मामले में पिता-पुत्र को उम्रकैद और जुर्माना।
