हल्द्वानी (नैनीताल), 25 अप्रैल: मदरसन सिडकुल लालकुआँ में श्रमिकों के समर्थन में गए सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी पुत्र श्री गिरीश चंद्र जोशी के साथ पुलिस द्वारा की गई कथित बदसलूकी के विरोध में शनिवार को ‘पहाड़ी आर्मी उत्तराखण्ड’ संगठन ने जिलाधिकारी नैनीताल को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की माँग करते हुए चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
पहाड़ी आर्मी के जिलाध्यक्ष राजेंद्र कांडपाल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि दिनांक 20 अप्रैल 2026 को हल्दूचौड़ स्थित मदरसन कंपनी में कर्मचारियों को सहयोग देने पहुँचे राजनैतिक-सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी के साथ पुलिस ने जिस प्रकार की कार्रवाई की, वह निंदनीय है। ज्ञापन में सवाल उठाया गया कि “क्या कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय की आवाज उठाना देवभूमि में पाप है?” संगठन ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस का अमानवीय व्यवहार सभी ने देखा है।
ज्ञापन के अनुसार, थाना प्रभारी काठगोदाम श्री हरपाल सिंह द्वारा धरने के दौरान पीयूष जोशी के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। सामदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालकुआँ की मेडिको लीगल रिपोर्ट दिनांक 20.04.2026 में गले पर चोट दर्ज है। 21 अप्रैल को उन्हें हिरासत में लिया गया और 22 अप्रैल को रिहाई के बाद सुशीला तिवारी अस्पताल में 101.4°F बुखार के साथ भर्ती कराना पड़ा।
पहाड़ी आर्मी ने आरोप लगाया कि पीयूष जोशी पिछले तीन वर्षों से नशे के विरुद्ध अभियान चला रहे हैं, जिसके कारण वह नशा माफिया के निशाने पर हैं और पुलिस का एक वर्ग उन्हें प्रताड़ित कर रहा है। संगठन ने माँग की कि उक्त पुलिसकर्मियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ताकि लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो सके और एक मिसाल पेश हो।
जिलाध्यक्ष राजेंद्र कांडपाल ने कहा कि देवभूमि में लोकतांत्रिक तरीके से अन्याय के खिलाफ बोलना अपराध नहीं है। यदि एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो पहाड़ी आर्मी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
जिला प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस मामले में लाल बहादुर शास्त्री राजकीय महाविद्यालय का छात्रसंघ भी पहले ही ज्ञापन दे चुका है। फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
