हल्द्वानी (उत्तराखंड): सुभाष नगर क्षेत्र से मानवता और जीव दया की एक बेहद भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। कल देर रात स्थानीय लोगों से सूचना मिली कि एक बंदरिया प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) से अत्यधिक व्याकुल है। दर्द से तड़पने के कारण वह घबराहट में अपने नवजात बच्चे को लेकर इधर-उधर भाग रही थी, जिससे दोनों की जान को गंभीर खतरा बना हुआ था।
त्वरित एक्शन में आई रेस्क्यू टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए तराई केन्द्रीय वन प्रभाग की रेस्क्यू टीम और गौ रक्षा दल के सदस्य तुरंत हरकत में आए और बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचे।
घबराई हुई और दर्द से बेहाल बंदरिया को काबू में करना टीम के लिए एक बड़ी चुनौती था। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत और सूझबूझ के बाद, रेस्क्यू टीम बंदरिया और उसके बच्चे को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू करने में कामयाब रही।
रानीबाग रेस्क्यू सेंटर में चल रहा है इलाज
सुरक्षित रेस्क्यू के बाद टीम दोनों को तुरंत रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर लेकर गई। वहां पशु चिकित्सकों की देखरेख में बंदरिया का उपचार शुरू कर दिया गया है। फिलहाल दोनों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और वे सुरक्षित हैं।
इन जांबाजों ने निभाई अहम भूमिका
इस बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाने में निम्नलिखित सदस्यों ने मुख्य भूमिका निभाई:
वन प्रभाग रेस्क्यू टीम: दीन दयाल और सुभाष चन्द्र
गौ रक्षा दल: चन्दू मेहता, चेतन बिष्ट और वैभव बेलवाल।
