नैनीताल पहाड़ों की शांत वादियों के पीछे छिपे पारिवारिक तनाव ने आज एक और हंसते-खेलते परिवार के चिराग को बुझा दिया। तल्लीताल के हरिनगर से आई एक खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। नगर पालिका में कार्यरत 32 वर्षीय दीपक आर्या ने घर के भीतर आत्मघाती कदम उठाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
कहते हैं कि शादी के बाद बच्चों की किलकारियां घर को जीवंत बनाती हैं, लेकिन कभी-कभी यही सामाजिक और निजी अपेक्षाएं एक इंसान पर मानसिक दबाव का पहाड़ बन जाती हैं। दीपक की शादी सात साल पहले हुई थी, लेकिन पिछले तीन सालों से संतान न होने की कसक पति-पत्नी के बीच विवाद की वजह बन चुकी थी।
दीपक अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। ज़िम्मेदारियों का बोझ उठाने वाले दीपक की मां एक सरकारी स्कूल में भोजन माता हैं, जबकि स्वर्गीय पिता कभी तल्लीताल थाने के पास फड़ लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। विवादों से उपजे मानसिक तनाव ने दीपक को इस कदर घेरा कि वे शराब के आदी हो गए। अवसाद (Depression) और अकेलेपन से जूझते हुए आखिरकार उन्होंने एक आत्मघाती रास्ता चुन लिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दीपक के अचानक चले जाने से नगर पालिका प्रशासन में भी शोक की लहर है। अस्पताल में नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल समेत पालिका से जुड़े कई लोग शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे।
