नैनीताल राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के अपर महानिदेशक मेजर जनरल समीर भल्ला द्वारा एनसीसी ग्रुप मुख्यालय, नैनीताल का औपचारिक निरीक्षण किया गया। उनके आगमन पर कैडेट्स द्वारा प्रभावशाली गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया, जिससे परिसर में अनुशासन एवं गौरव का वातावरण व्याप्त हो गया।
निरीक्षण के उपरांत मेजर जनरल भल्ला ने मुख्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों का गहन अवलोकन किया। इस अवसर पर ग्रुप कमांडर कमोडोर बल राजेश सिंह तथा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री नवीन सिंह ढैला द्वारा उनका औपचारिक स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, साथ ही अधीनस्थ इकाइयों के सभी कमान अधिकारी भी सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम में मुख्य सहायक श्रीमती जया कालाकोटी, श्री इसरार बक्श, श्री विवेक सिंह राणा, श्री परवेज अहमद एवं श्री राजेंद्र सिंह रावत की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। इस अवसर पर 5 नेवल यूनिट एनसीसी के शिप मॉडलिंग इंस्ट्रक्टर श्री कमलेश जोशी द्वारा इकाई की गतिविधियों एवं उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।
उपस्थित कमान अधिकारियों में 5 नेवल यूनिट एनसीसी के कैप्टन (भारतीय नौसेना) मृदुल शाह, 77 बटालियन के कर्नल जितेंद्र शर्मा, 24 गर्ल्स बटालियन की कर्नल कुलकर्णी, सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की ऑफिसर कमांडिंग अर्चना चौधरी, 79 बटालियन के कर्नल अभिजीत मेहता तथा 80 बटालियन पिथौरागढ़ के लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र सिंह ऐडी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर समस्त इकाइयों द्वारा प्रशिक्षण वर्ष 2026-27 हेतु प्रस्तावित गतिविधियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। एनसीसी निदेशालय उत्तराखंड के निदेशक ने भी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए नैनीताल ग्रुप मुख्यालय की कार्यप्रणाली एवं उपलब्धियों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स द्वारा फायरिंग उपकरण, रॉक क्लाइम्बिंग, सूचना प्रौद्योगिकी उपकरण, शिप मॉडलिंग एवं ड्रोन तकनीक का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसकी उपस्थित अधिकारियों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
अपने संबोधन में मेजर जनरल समीर भल्ला ने नैनीताल ग्रुप मुख्यालय को एक उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय इकाई बताते हुए यहां संचालित गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने बटालियन कमांडरों को निर्देशित किया कि वे कैडेट्स को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करें तथा अपने अनुभव एवं ज्ञान का प्रभावी हस्तांतरण कर उन्हें राष्ट्र के जिम्मेदार एवं सक्षम नागरिक के रूप में विकसित करें।
इसके अतिरिक्त, आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षित कैडेट्स की भूमिका एवं उपयोगिता पर विशेष बल दिया गया। साथ ही आगामी प्रशिक्षण वर्ष के लिए निर्धारित कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की समीक्षा भी की गई।
यह निरीक्षण एनसीसी की कार्यक्षमता, प्रशिक्षण गुणवत्ता एवं संगठनात्मक उत्कृष्टता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
