देहरादून उत्तराखंड की राजनीति और देश के सैन्य इतिहास के एक बड़े स्तंभ, पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी का आज सुबह निधन हो गया। उन्होंने देहरादून के मैक्स अस्पताल (Max Hospital) में अंतिम सांस ली। वह पिछले काफी समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
अस्पताल प्रशासन और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री ने आज प्रातः 11:00 बजे अपनी अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर आते ही पूरे उत्तराखंड सहित देश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
लंबे समय से थे अस्वस्थ
91 वर्षीय बी.सी. खंडूड़ी पिछले लंबे समय से उम्र संबंधी और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही थी। हाल ही में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने भी अस्पताल जाकर उनका हालचाल जाना था और डॉक्टरों से उनके उपचार की जानकारी ली थी। हालांकि, तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।
सैन्य और राजनीतिक जीवन का गौरवशाली सफर
भुवन चंद्र खंडूड़ी का जन्म 1 अक्टूबर 1934 को हुआ था। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय सेना में एक लंबा और गौरवशाली समय बिताया और मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए।
मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल: वह दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे (पहली बार 2007 से 2009 और दूसरी बार 2011 से 2012 तक)।
केंद्रीय राजनीति में भूमिका: वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री भी रहे, जहां उन्होंने ‘स्वर्णिम चतुर्भुज योजना’ को धरातल पर उतारने में बेहद अहम भूमिका निभाई थी।
साफ-सुथरी छवि: राजनीति में उन्हें उनकी ईमानदारी, कड़े अनुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के लिए जाना जाता था। उनकी बेटी ऋतु खंडूड़ी भूषण वर्तमान में उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष हैं।
