नैनीताल पुलिस प्रशासन में उस समय हड़कंप मच गया। जब शहर कोतवाल हेम पंत ने खुद को अपने आवासीय कमरे में बंद कर लिया। पुलिस कर्मियों द्वारा काफी देर तक दरवाज़ा खुलवाने पर जब दरवाज़ा नहीं खुला और अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। तो पुलिसकर्मियों ने कोई अनहोनी न हो इसकी आशंका के चलते दरवाज़ा तोड़कर भीतर प्रवेश किया। अंदर प्रवेश करने पर पुलिस कर्मियों को कोतवाल हेम पंत भावुक अवस्था में मिले।
कुछ जानकारी सामने आ रही है कि,,,,,,, पिछले कुछ समय से शहर कोतवाल हेम पंत मानसिक तनाव में थे। यह मामला उनके अटैचमेंट समाप्त होने के बाद मूल तैनाती अल्मोड़ा भेजे जाने से जुड़ा है। इसी बीच महिला कांस्टेबल के तबादले को लेकर भी विवाद सामने आया, जिसने मामले को और संवेदनशील बना दिया। एक अन्य जानकारी में,,,, कुछ दिन पहले कोतवाली में तैनात एक महिला कांस्टेबल का स्थानांतरण कर दिया गया था। कोतवाल हेम पंत ने पुलिस अधिकारियों से महिला स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए स्थानांतरण रोकने और वैकल्पिक महिला कर्मी की तैनाती की मांग की थी। इस मुद्दे पर वरिष्ठ अधिकारियों से उनकी बातचीत भी हुई थी।
बताया जा रहा है कि,,,,,, बीते रोज़ सुबह करीब दस बजे तक जब कोतवाल ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो इसके बाद पुलिसकर्मी उनके आवास पर पहुंचे और दरवाज़ा खटखटाया, परन्तु अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने दरवाज़ा तोड़ दिया। पुलिस कर्मियों को अंदर कोतवाल भावुक हालत में मिले। सूचना देने पर CO सीओ अंजना नेगी और LIU की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों द्वारा मामले को गोपनीय रखने की कोशिश की। और कई घंटे निगरानी के बाद कोतवाल के परिजनों को बुलाया गया और उन्हें परिवार के साथ भेज दिया गया।
SSP नैनीताल डॉ. मंजूनाथ TC ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने कहा कि मामले की रिपोर्ट तलब कर ली गई है।
