आदि कैलाश मार्ग पर टैक्सी विवाद: कुमाऊं टैक्सी महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज भट्ट ने उठाई समान अधिकारों की मांग।

हल्द्वानी आदि कैलाश और ॐ पर्वत केवल किसी एक क्षेत्र की पहचान नहीं, बल्कि संपूर्ण उत्तराखंड की धार्मिक आस्था, पर्यटन और गौरव का प्रतीक हैं। इस मार्ग पर राज्य के अन्य जिलों की वैध परमिट वाली टैक्सियों के प्रवेश पर रोक लगाने का कड़ा विरोध किया जा रहा है।        आदि कैलाश मार्ग पर टैक्सी विवाद: कुमाऊं टैक्सी महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज भट्ट ने उठाई समान अधिकारों की मांग।                                                                                            कुमाऊं टैक्सी महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज भट्ट ने स्पष्ट किया है कि वे स्थानीय चालकों के रोजगार और हितों को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन अन्य जिलों के वैध परमिट धारक चालकों को रोकना पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने सचेत किया कि यदि यह प्रथा शुरू होती है, तो भविष्य में राज्य के अन्य धार्मिक व पर्यटक स्थलों पर भी इसी तरह का क्षेत्रीय टकराव पैदा हो जाएगा।

मनोज भट्ट और महासंघ ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पूरी रियासत में सभी वैध परमिट वाली टैक्सियों के लिए एकसमान और पारदर्शी नियम लागू किए जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी जिले के चालक के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए और प्रशासन को सभी संबंधित यूनियनों के साथ वार्ता कर इस विवाद का सर्वमान्य समाधान निकालना चाहिए, ताकि सभी चालकों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।