हल्द्वानी के लामाचौड़ में 14 सितंबर की रात कॉलेज से घर लौटते समय सड़क पर अचानक आए लावारिस कुत्ते को बचाने के प्रयास में 21 वर्षीय बीएससी नर्सिंग छात्रा कंचन पांडे की स्कूटी फिसल गई, जिससे सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण अस्पताल में इलाज के दौरान 16 सितंबर की रात उनकी मृत्यु हो गई। कंचन महिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रही थीं और उनके पिता भगवती प्रसाद शिक्षा विभाग में लिपिक हैं, जबकि उनका भाई क्रूज में कार्यरत है। इस बेहद दुखद घड़ी में भी शोकाकुल परिवार ने मानवता का परिचय देते हुए कंचन की आंखें एसटीएच के आई बैंक में दान कर दीं। यह दुखद घटना सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं और लावारिस कुत्तों की गंभीर समस्या को उजागर करती है, जो आए दिन राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं और जिन पर तुरंत ठोस प्रशासनिक नियंत्रण की आवश्यकता है।
हल्द्वानी: सड़क हादसे में नर्सिंग छात्रा की दुखद मौत: आवारा पशु बने जान के दुश्मन, गमगीन परिवार ने नेत्रदान कर जगाई आस।
