DU व MCD दिल्ली के खिलाफ हल्द्वानी में फूटा गुस्सा, पुतला दहन कर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन।

हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) के आह्वान पर भीम आर्मी, मूल निवासी संघ, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, भाकपा-माले, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, सामाजिक न्याय मंच और आंबेडकर मिशन जैसे विभिन्न सामाजिक संगठनों ने दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन तथा दिल्ली नगर निगम का पुतला दहन कर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया और सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी के माध्यम से देश की राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 6 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के पास सत्य निकेतन क्षेत्र में पांच मंजिला निजी छात्रावास की इमारत ढहने से छह छात्रों और एक आम नागरिक की जान चली गई, जबकि 7 सितंबर को डीयू के दक्षिणी परिसर में ठेके पर माली के पद पर कार्यरत 34 वर्षीय रंजीत कुमार गौतम की अनधिकृत रूप से इलेक्ट्रिशियन का काम कराने के दौरान करंट लगने से मृत्यु हो गई।                                                                       वक्ताओं ने इन घटनाओं को महज हादसा मानने से इंकार करते हुए इसे व्यवस्था द्वारा की गई ‘संस्थानिक हत्या’ करार दिया, क्योंकि डीयू में पढ़ने वाले लगभग 7 लाख विद्यार्थियों (जिनमें आधे से अधिक बाहरी राज्यों के हैं) के लिए विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में महज 7000 से 8000 सीटें उपलब्ध हैं, जिससे छात्र असुरक्षित और महंगे पीजी में रहने को मजबूर हैं। प्रदर्शन के दौरान डीयू के कुलपति योगेश सिंह को तत्काल बर्खास्त करने, देशभर के शैक्षणिक संस्थानों व पीजी इमारतों का नियमित निरीक्षण करने और सत्य निकेतन हादसे के मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की पुरजोर मांग की गई।                                इस विरोध सभा में महेश, रजनी, आर.पी. गंगोला, ऋतु, मुकेश भंडारी, बी एल आर्य, चन्दन, कैलाश, अंजु, विनोद, अनिशेख, सुरेंद्र, नफीस अहमद, प्रवीण कुमार, गोपाल गवासिकोटी, दयाल राम, जी आर टम्टा तथा आकाश भारती सहित कई कार्यकर्ताओं ने अपनी प्रमुख उपस्थिति दर्ज कराई।