उत्तराखंड के हल्द्वानी में नीट (NEET) की तैयारी करने आई मध्य प्रदेश की 19 वर्षीय छात्रा अंजलि जाटव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉक्टर बनने का सपना संजोए अंजलि का शव उसके बंद पीजी कमरे में फंदे से लटका मिला, जहां से पुलिस को कोई पारंपरिक सुसाइड नोट तो नहीं मिला, लेकिन उसकी डायरी में लिखी एक चौंकाने वाली पंक्ति—”एक को छोड़ दिया है, दूसरे को नहीं छोड़ोंगी”—ने पूरे मामले को एक अत्यंत रहस्यमयी मोड़ दे दिया है। पुलिस अब इस घटना को महज आत्महत्या न मानकर प्रेम प्रसंग, मानसिक दबाव और किसी तीसरे व्यक्ति की संलिप्तता जैसे विभिन्न नए कोणों से खंगाल रही है; इसके लिए मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल्स, सोशल मीडिया एक्टिविटी, गूगल सर्च हिस्ट्री की बारीकी से जांच की जा रही है और साथ ही उस अज्ञात युवक की भी सरगर्मी से तलाश जारी है जिसने सबसे पहले उसकी सहेली को फोन कर अंजलि द्वारा कॉल न उठाने की सूचना दी थी।
हल्द्वानीः NEET की तैयारी कर रही छात्रा ने करी आत्महत्या।
