हल्द्वानी एक अहम खबर सामने आ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने चर्चित बनभूलपुरा हिंसा मामले में आरोपी जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब दोनों आरोपियों की डिफॉल्ट जमानत याचिका खारिज कर दी है। साथ ही राज्य सरकार की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दो सप्ताह के भीतर जेल में सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक,,,,,, इस फैसले के बाद पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। SSP मंजूनाथ टीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बनभूलपुरा कांड की जांच दोबारा तेज गति से की जाए और हर पहलू की गहराई से पड़ताल हो। बताया जा रहा है कि पुलिस अब सर्विलेंस, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दंगे और उपद्रव में शामिल लोगों की दोबारा पहचान करेगी।
नैनीताल पुलिस ने साफ कर दिया है कि हिंसा में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी चिन्हित उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। बताते चलें कि 8 फरवरी को बनभूलपुरा क्षेत्र में हुई हिंसा में नगर निगम और पुलिस के कई कर्मचारी घायल हुए थे। इस दौरान उपद्रवियों द्वारा पुलिस की पिस्टल छीनने और सरकारी वाहन को आग के हवाले करने जैसी गंभीर घटनाओं को भी अंजाम दिया था।
