हल्द्वानीः दिनांक, 26 मई 2026 पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर गीता मनीषी ज्ञानानंद जी महाराज का महापौर गजराज सिंह बिष्ट के आवास पर भव्य स्वागत, श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया गीता ज्ञान का अमृत पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर देवभूमि उत्तराखंड की सुख, शांति एवं उन्नति की मंगलकामना के साथ कुमाऊं मंडल में आयोजित तीन दिवसीय विशेष गीता सत्संग कार्यक्रम के अंतर्गत सुप्रसिद्ध गीता मनीषी ज्ञानानंद जी महाराज का आज प्रातः नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम के महापौर गजराज सिंह बिष्ट के आवास पर आगमन हुआ। इस अवसर पर महापौर द्वारा पुष्प वर्षा कर पूज्य महाराज जी का भव्य एवं श्रद्धापूर्ण स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और आध्यात्मिक वातावरण के बीच गीता ज्ञान का दिव्य संदेश प्राप्त किया। गीता मनीषी ज्ञानानंद जी महाराज ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का सरल एवं प्रभावशाली व्याख्यान करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं से गीता के संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की सर्वोत्तम कला, कर्तव्य, अनुशासन और मानव कल्याण का दिव्य मार्गदर्शन प्रदान करने वाला महान ग्रंथ है। कार्यक्रम में लगभग 300 श्रद्धालुओं ने पूज्य महाराज जी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा गीता के सुंदर पाठ एवं दिव्य प्रवचन का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ अर्जित किया। महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने कहा कि “पूज्य गीता मनीषी ज्ञानानंद जी महाराज का हमारे आवास पर आगमन मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य, प्रेरणा और आध्यात्मिक प्रसन्नता का विषय है।
महाराज जी केवल गीता के ज्ञाता ही नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले महान संत हैं। उनके श्रीमुख से निकला प्रत्येक शब्द मानव जीवन को नई ऊर्जा, संस्कार और प्रेरणा प्रदान करता है।”
उन्होंने कहा कि “मुझे भी कुरुक्षेत्र में गीता भवन जाने तथा पूज्य ज्ञानानंद जी महाराज के सान्निध्य का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। वहां का आध्यात्मिक वातावरण और महाराज जी के श्रीमुख से गीता ज्ञान सुनना मेरे जीवन के अविस्मरणीय अनुभवों में से एक रहा है। उनके विचार व्यक्ति को धर्म, कर्म, सेवा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देते हैं।”
महापौर ने आगे कहा कि “गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन प्रबंधन का महान मार्गदर्शक है और पूज्य ज्ञानानंद जी महाराज जिस सहजता और सरलता से गीता के गूढ़ संदेशों को जनमानस तक पहुंचाते हैं, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। उनके सत्संग से समाज में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सकारात्मक सोच को नई दिशा मिलती है।”
उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में गीता सत्संग से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि “यदि हम गीता के कर्मयोग को अपने जीवन में उतार लें तो परिवार, समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन स्वतः संभव है तथा एक संस्कारित, सुखी और समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सकता है।” कार्यक्रम के उपरांत गीता मनीषी ज्ञानानंद जी महाराज ने महापौर श्री गजराज सिंह बिष्ट को आशीर्वाद प्रदान किया तथा अपने आगामी कार्यक्रम हेतु वहां से प्रस्थान किया।
